मीडिया विज्ञप्ति Last Updated: 07, Mar 2019


भाफिटेसं के बारे में

भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न संस्थान (भाफिटेसं) की स्थापना भारत सरकार द्वारा सन् 1960 में पुणे स्थित पूर्ववर्ती प्रभात स्टूडियो के परिसर में की गई।

भाफिटेसं कैम्पस वर्तमान में पूर्ववर्ती प्रभात स्टूडियो की भूमि पर अवस्थित है। प्रभात स्टूडियो फ़िल्म निर्माण के व्यवसाय में अग्रणी था और उसे सन् 1933 में कोल्हापुर से पुणे स्थानांतरित कर दिया गया था। अपने समय के सबसे पुराने स्टूडियो, जो कभी प्रभात की फ़िल्मों के निर्माण स्थल थे, वे आज भी मौजूद हैं और भाफिटेसं में उनका उपयोग किया जा रहा है। प्रभात के पुराने स्टूडियो अब विरासती संरचना बन गए हैं तथा भाफिटेसं के विद्यार्थीगण विश्व के सबसे पुराने कार्यरत फ़िल्म शूटिंग स्टूडियो में कार्य कर रहे हैं।

प्रभात स्टूडियो की विरासत

वर्तमान भाफिटेसं कैम्पस प्रारम्भिक दौर में प्रभात फ़िल्म कम्पनी द्वारा वर्ष 1933 में खरीदा गया एक भूखंड था। इस कम्पनी की स्थापना सन् 1929 में कोल्हापुर में की गई थी और 4 वर्ष पश्चात् इसे पुणे स्थानांतरित कर दिया गया था। अपने समय की उत्कृष्ट एवं अग्रणी फ़िल्म कम्पनी के रूप में इसने कई महत्वपूर्ण एवं प्रतिष्ठित फ़िल्मों जैसे शेजारी, संत ज्ञानेश्वर एवं सैरन्ध्री, जो कि प्रभात द्वारा निर्मित एकमात्र रंगीन फ़िल्म थी, का निर्माण किया। इस प्रतिष्ठित स्टूडियो की ऐसी विरासत थी कि एक समय में यह एशिया का सबसे बड़ा फ़िल्म स्टूडियो था।...

अध्यक्ष का संदेश

भाफिटेसं की नई वेबसाइट लॉन्च करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।

यह आकर्षक, स्मार्ट एवं उपयोगकर्ता के अनुकूल है। यह वैसी ही है, जैसी एक वेबसाइट को होना चाहिए। इसके साथ ही यह एक विश्वस्तरीय फ़िल्म स्कूल के अनुकूल है।

एक तरह से यह भाफिटेसं का विजिटिंग कार्ड है। जो लोग इस "all-that-you-ever-wanted-to-know-about-FTII" (जो आप भाफिटेसं के बारे में जानना चाहते हैं, वह सभी) साइट पर आपको आसानी से जानकारी मिल जाएगी। इससे आपकी जानकारी हासिल करने की खोज का रास्ता आसान हो जाएगा।

कैंपस में होनेवाले नियमित पाठ्यक्रमों से लेकर अल्पावधि पाठ्यक्रमों तक, सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे लोगों से लेकर सोशल मीडिया लिंक तक तथा संकाय सदस्यों की प्रोफाइल से छात्रों की गतिविधियों और कर्मचारियों के कार्यक्रम... और दर्जनों नई पहल! ये सब और इससे अधिक ..... सबकुछ सिर्फ माउस की एक क्लिक से दूर है।

भाफिटेसं के नये हस्ताक्षर में आपका स्वागत है! -   बी पी सिंह

शैक्षिक

आउटरीच

आउटरीच विभाग की स्थापना वर्ष 2012 में की गई। यह विभाग पूरी दुनिया के फ़िल्म स्कूलों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है तथा यह एक गतिशील विनिमय की सुविधा प्रदान करता है। यह छात्रों एवं संकाय सदस्यों के विनिमय और संवर्धन कार्यक्रमों को आयोजित करता है। यहां छात्रों को सीखने एवं विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है,...

लेंससाइट

भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न संस्थान (भाफिटेसं) की शैक्षिक पत्रिका ‘लेंससाइट’ में समकालीन सिनेमा पर चर्चा एवं लेख, इसके इतिहास एवं सौंदर्यशास्त्र के साथ इस पर चर्चा शामिल होती है कि किस प्रकार मूविंग इमेजेज को डिजिटल मीडिया प्रभावित कर रहा है। लेंससाइट का त्रैमासिक प्रकाशन किया जाता है।...

प्रभात म्यूजियम

आप जब भी भाफिटेसं आयें, वर्ष 2001 में भाफिटेसं परिसर में स्थापित प्रभात म्यूजियम जरूर जायें। परिसर में मौजूदा गतिविधियों के अलावा, सन् 1931 में स्थापित प्रभात फ़िल्म कम्पनी की विरासत को उसके स्थापना काल से अनुभव किया जा सकता है। यह म्यूजियम ऐतिहासिक प्रभात स्टूडियो के मूल भवन में स्थापित है, जो कि 1000 वर्गफीट क्षेत्र में फैला हुआ है।...

रेडियो एफटीआईआई

रेडियो एफटीआईआई 90.4 एक कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन है, जिसका उद्घाटन 29 जनवरी 2007 को किया गया था। इसे भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की कम्यूनिटी रेडियो नीति के तहत प्रारम्भ किया गया है। भाफिटेसं उन प्रारम्भिक आवेदकों में से एक है, जिन्होंने कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन स्थापित करने की पहल की थी। यह कम्यूनिटी रेडियो 1 जून 2006 से परीक्षण...

प्रशासन

यादों की सैरगाह

प्रसिद्ध पूर्वछात्र

छात्रों की फिल्में

पुरस्कार और सम्मान

लघु पाठ्यक्रम

सम्पर्क

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विधि महाविद्यालय मार्ग, पुणे - 411004

महाराष्ट्र राज्य, भारत

फोन: +91 020-25580000

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